सुभाष पब्लिक सेकेंडरी स्कूल में मातृशक्ति व भामाशाह महिलाओं का सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

सांचौर / पी.सी. जाखड़ ।
सरनाऊ क्षेत्र के गुंदाऊ स्थित सुभाष पब्लिक सेकेंडरी स्कूल, गुंदाऊ में गुरुवार को मातृशक्ति सम्मेलन एवं आशीर्वाद समारोह का भव्य व गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की मातृशक्ति ने बड़ी संख्या में सहभागिता निभाई, जिससे विद्यालय परिसर में उत्साह, आत्मीयता एवं संस्कारमय वातावरण देखने को मिला।कार्यक्रम की शुरुआत माताओं के सम्मान एवं स्वागत समारोह से की गई। विद्यालय परिवार द्वारा मातृशक्ति का पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार नारियल भेंट कर व माल्यार्पण कर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक एवं सामाजिक विकास में मातृशक्ति की भूमिका सर्वोपरि है और माताओं का आशीर्वाद बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।इसके पश्चात विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बालक एवं बालिकाओं ने नृत्य, गीत एवं संस्कारयुक्त प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों एवं सामाजिक संदेशों को प्रभावी रूप से मंच पर प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों ने तालियों की गूंज के साथ सराहा।

कार्यक्रम की सफलता में भामाशाह महिलाओं का विशेष योगदान रहा। भोजन व्यवस्था के भामाशाह के रूप में श्रीमती कमलाकंवर / गुमानसिंह दादिया का सराहनीय सहयोग रहा। वहीं टेंट एवं सजावट व्यवस्था में श्रीमती अमरतीदेवी / गेनाराम जी चिल्का का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साउंड व्यवस्था श्रीमती ओमप्यारी / संतोष कुमार सियाग द्वारा सुचारू रूप से संभाली गई। इसके साथ ही सम्पूर्ण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण श्रीमती सुंदरदेवी / बाबूलाल खीचड़ के सहयोग से किया गया, जिससे दूर-दराज के अभिभावक एवं ग्रामीण भी इस आयोजन से जुड़ सके।इस अवसर पर विद्यालय प्रशासन द्वारा भामाशाह महिलाओं एवं उपस्थित मातृशक्ति का बहुमान व सम्मान किया गया। सम्मान पाकर मातृशक्ति में विशेष उत्साह एवं प्रसन्नता देखने को मिली। माताओं ने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन एवं संस्कार आधारित शिक्षा की सराहना करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी मातृशक्ति, भामाशाह महिलाओं, अभिभावकों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन विद्यालय एवं समाज के बीच आपसी समन्वय, सहयोग और विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।
